JINNAT KO BULANE KI DUA कई लोग जिन्नात को हमजाद के नाम से भी जानते है | अगर जिन्नात को आप अपने काबू में कर ले या उसे खुश कर दे तो वो आपकी हर मुराद पूरी कर देता है | इस्लाम-ए-पाक में भी जिन्नात का ज़िक्र है | मौलवी सूफी सुल्तान जी एक मात्र ऐसी व्यक्ति है जिन्हें कुरान-ए-शरीफ का इल्म और अल्लाहताला का रहमो-करम के कारण जिन्नात का दीदार हुआ है | अल्लाहताला के फज्लो करम से मौलवी जी ने कई लोगो को भी उनका दीदार कराया है और अपने तजुर्बे व कुरान-ए-पाक के वजीफा, अमल और दुआ से कई लोगो की मायूस जिंदगी में सुकून अता फ़रमाया है | Jinnat ko bulane ka amal.jpg जिन्नात को बुलाने या देखने का अमल तरीका सोने से पहले वुजू करके बिस्तर पर जाये | 4 कागज के टुकड़े ले कर उन पर ये 4 नाम लिख दे | फिरोन, करुण, शदाद, हामान अब इन कागज के टुकडो को अपने बिस्तर के 4 कोनो पर रख दे | सुबह ये चारो कागज के टुकडो को जला दे | ऐसा 21 दिन तक करना है इंशाल्लाह 21 दिन के अंदर आपकी हमजाद/जिन्नात से बात शुरू हो जाएगी | नोट:- 1. इस अमल को बिना मशवरे के ना करे | अमल की इज़ाज़त जरुरी है | 2. इस...
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